भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज निर्यातक देश है। गुणवत्ता सुधार से किसान विदेशी बाजारों में अपनी जगह बना सकते हैं।
सरकार प्याज का बफर स्टॉक बनाकर किसानों को घाटे से बचा रही है। यह नीति मूल्य स्थिरता में मददगार है।
प्याज सुखाने के बाद जालीदार टोकरी या लकड़ी के क्रेट्स में रखें। भंडारण में 30% नुकसान कम होता है।
थ्रिप्स और डाउनी मिल्ड्यू से बचने के लिए नीम तेल का छिड़काव करें। खेत में हवा का अच्छा प्रवाह बनाए रखें।
प्याज के लिए दोमट मिट्टी और 15–25°C तापमान उपयुक्त होता है। गोबर खाद डालकर मिट्टी को भुरभुरी बनाएँ।