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🔴 अफीम की खेती: सर्दी के मौसम में सुनहरा अवसर, लेकिन नियमों का पालन जरूरी    

अफीम :

अफीम की खेती: सर्दी के मौसम में सुनहरा अवसर, लेकिन नियमों का पालन जरूरी

November 11, 2025, 10:36 pm
अफीम की खेती: सर्दी के मौसम में सुनहरा अवसर, लेकिन नियमों का पालन जरूरी
भारत के कई हिस्सों में इस समय रबी फसलों की बोआई चल रही है, और किसानों के बीच अफीम की खेती एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। अफीम की खेती सदियों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में की जाती रही है। यह न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फसल है, बल्कि इसके औषधीय उपयोगों के कारण इसकी मांग भी बनी रहती है।

अफीम (Opium poppy) ठंडे मौसम में उगाई जाने वाली रबी फसल है। इसकी बोआई सामान्यतः अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाती है और कटाई मार्च-अप्रैल में होती है। यह फसल अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी में उत्तम परिणाम देती है। बीज हल्के और समान रूप से बोने चाहिए ताकि पौधे मजबूत बनें।

लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि अफीम की खेती सरकारी लाइसेंस के बिना करना अपराध है। भारत सरकार इसका उत्पादन केवल उन्हीं किसानों को अनुमति देती है जिनके पास वैध लाइसेंस होता है। यह लाइसेंस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा दिया जाता है, और हर साल क्षेत्रवार कोटा तय किया जाता है।

खेती के दौरान सिंचाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए — शुरुआती 20–25 दिनों में नमी आवश्यक होती है, जबकि फूल आने के समय अत्यधिक सिंचाई से बचना चाहिए।
कटाई के समय फलों (पोस्त) को हल्के से चीरा लगाया जाता है ताकि रस (लेटेक्स) निकलकर सूख जाए, जिसे बाद में एकत्र कर औद्योगिक उपयोग के लिए दिया जाता है।

आज के समय में अफीम से मिलने वाले औषधीय घटक जैसे मॉर्फिन, कोडीन और थियोबेन दवाओं के निर्माण में उपयोग होते हैं। इसलिए यह खेती किसानों को आय का एक सशक्त साधन बनाती है, बशर्ते इसे कानूनी दायरे में रहकर किया जाए।

सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसानों को उचित दर पर उत्पाद की बिक्री की गारंटी दी जाती है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा भी मिलती है।
यदि कोई किसान भविष्य में अफीम की खेती करना चाहता है, तो उसे जिला नारकोटिक्स कार्यालय से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया और मानदंडों की जानकारी लेनी चाहिए।

कृषक भाइयों, अफीम की खेती सिर्फ एक फसल नहीं, एक जिम्मेदारी भी है — अनुशासन और नियमों के साथ की गई खेती ही सुनहरा भविष्य देती है। 🌱🇮🇳
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